कोई भी अगर बैंक से लोन लेने जा रहा है। तो उसके मन में एक बड़ा सवाल जरूर आता है। कि आखिर में कितने पैसा वापस करना पड़ेगा और उस लोन पर कितना ब्याज बनेगा बहुत से लोग EMI नहीं जोड़ पाते हैं जिसके कारण उन्हें बाद में दिक्कत आती है। तो आज की इस लेख में हम उदाहरण के माध्यम से समझाएंगे की ₹1,00,000 लोन के लिए लेने पर कितना ब्याज (Interest) बनेगा और बैंक किस तरह से EMI कैलकुलेट करता है।
इस आर्टिकल में क्या जानोगे आप लोग
- ₹100000 के लोन लेने पर कुल कितना ब्याज देना पड़ता है। इसका आसान और स्पष्ट उदाहरण बताया जाएगा
- बैंक कैसे EMI का कैलकुलेट करता है। और यह साधारण ब्याज से अलग होता है।
- EMI को निकालने का सही भीम और उसमें उपयोग होने वाले मुख्य तो जैसे मूलधन दर और समय की पूरी जानकारी
- लोन लेने से पहले किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी समस्या ना आए
- EMI सही समय पर न भरने पर क्या होता है। और इससे CIBIL Score पर क्या असर पड़ता है।
लोन का उदाहरण
उदाहरण आपने अगर बैंक से ₹100000 का लोन लेते हैं। तो लोन की जो ब्याज होगी वह 15% वार्षिक और इसको आपको 4 साल यानी 48 महीने में चुकाना है। यह एक उदाहरण है। जिससे आप समझ सके की लोन का EMI और भुगतान कैसे निकाला जाता है। और इसी उदाहरण के जरिए हैं। बताएंगे EMI की गणना
साधारण ब्याज से EMI निकलने का तरीका
ज्यादा से ज्यादा लोग ब्याज निकालने के लिए साधारण ब्याज का फार्मूला का इस्तेमाल करते हैं। इसमें मूलधन दर और समय को गुणा करके 100 से भाग करते हैं। अगर हम ₹100000 पर 15% की दर पर 4 साल के लिए ब्याज निकलते हैं। तो कुल ब्याज ₹60000 आता है। इससे कुल राशि ₹1,60,000 बनती है। और इसमें 48 महीना में बताकर EMI ₹3333 बनता है। लेकिन यह जो तरीका है। बैंक में नहीं इस्तेमाल होता है। इसलिए इसका जो परिणाम सही नहीं माना जाएगा अगर इस तरीके से बैंक जो लोन देती है। उसे पर करते हैं।
बैंक घटते बैलेंस पर ब्याज क्यों लगाते हैं
साधारण ब्याज का जो तरीका है। इसलिए गलत माना जाता है। क्योंकि बैंक हर महीने घटती हुई बैलेंस पर ब्याज लगता है। जैसे आप अगर EMI भरते जाते हैं। और आपका मूलधन कम होता जाता है और उसी से ब्याज भी काम होता है। जबकि साधारण ब्याज में पूरे समय के लिए एक ही मूलधन माना जाता है। यही कारण है कि साधारण तरीके से जो निकलती जाती EMI है वह अलग रहता है।
बैंक EMI कैसे निकलती है
बैंक जो है। EMI के लिए जो फार्मूला का इस्तेमाल करता है। वह है Equated Monthly Installment इससे क्या होता है। मान लीजिए मूलधन( P) मासिक ब्याज दर और (r) कुल महीनों की संख्या (n) का उपयोग किया जाता है। इस तरीके के द्वारा ब्याज हर महीने के आधार से घटते हुए बैलेंस पर लगाया जाता है। जिससे क्या होता है। कि EMI सही तरीके से कैलकुलेट होता है। या जो तरीका है। थोड़ा कठिन है। लेकिन यही सही और भरोसेमंद है। जिसे बैंक उपयोग करती है।
EMI निकलने का तरीका
सबसे पहले वार्षिक ब्याज दर को मासिक दर में बदलाव होती है। जैसे 15% को 12 महीने से विभाजित करने से 0.0125 हो जाता है इसके बाद कुल 48 महीने मानी जाती है। और जब इन सभी का जो वैल्यू है उसे EMI के साथ जोड़ा जाता है। तो EMI निकाल कर आती है। लगभग 2783 रुपया हर महीने का या वही राशि है। जो आपको हर महीने बैंक को चुकानी पड़ती है।
EMI के आधार पर टोटल भुगतान कैसे निकालें
EMI अगर 2783 रुपया है और आपको 48 महीना तक का यह EMI भरनी है तो कुल ₹2,783 × 48 = ₹1,33,584 होगा और इसे मिश्र धन यानी टोटल रीपेमेंट अमाउंट कहा जाता है जैसे आपने अगर एक लाख लिया था लेकिन 4 साल बाद आपको 1,33,584 रुपए वापस करने होंगे और यही सही रकम है जो बैंक के अनुसार बनती है
लोन पर कुल ब्याज कितना बनता है
मान लीजिए अगर हम कल भुगतान से मूलधन घटा देते हैं। तो कल ब्याज पता चल जाता है। यानी 133584 रुपए में से अगर हम एक लाख घटा देते हैं। तो पूरा 33584 रुपए ब्याज पड़ेगा यही सही ब्याज है। जो अपने बैंक को 4 साल में दिया ध्यान देने वाली बातें की या साधारण ब्याज से काफी कम है। जो हमने पहले ₹60000 आपको निकाल कर उदाहरण के द्वारा ऊपर समझाया है।
लोन लेने से पहले जानने वाली महत्वपूर्ण बातें
बैंक के द्वारा लोन लेने से पहले आपको उसकी ब्याज और EMI और इसके साथ कुल कितना भुगतान बाद में देना पड़ेगा अच्छे से समझ लें और प्रोसेसिंग फीस लेट फीस और ऊंचार्जेस जो होती है। इसको भी ध्यान से समझ ले और EMI को सही समय पर भरना बहुत जरूरी है। क्योंकि लेट पेमेंट से पेनल्टी लग सकती है। और सिबिल स्कोर भी खराब हो सकता है। इसलिए हमेशा अपना EMI को सही समय पर भरना जरूरी है।
इस लेख से आपने क्या सीखा
इस लेख में मैंने पूरी एक्सपीरियंस के साथ ₹100000 का लोन बैंक से लेने पर कितना ब्याज लगेगा और इतना इंटरेस्ट रेट सब कुछ कैलकुलेशन करके इस लेख में बताया है। इससे कोई अगर बिगनर₹100000 का लोन लेने जा रहा है बैंक से तो उसको समझ में आ सके कि वह कितना ब्याज देगा उसे कितना रीपेमेंट करना पड़ेगा उम्मीद है। आपको हमारी सभी बताई हुई जानकारी अच्छी से समझ में आया होगा इसलिए को आप अपने मित्रों के साथ जरूर शेयर करें धन्यवाद ।
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